छत्तीसगढ़

चालक-परिचालक व हेल्परों को भी लॉकडाउन अवधि में वेतन और अन्य सुविधा उपलब्ध कराये सरकार…. प्रीतम सिन्हा भाजपा नेता गरियाबंद

निजी बसों,आटो,जीप और अन्य गाड़ियों पर कार्यरत चालक-परिचालक व हेल्परों को लॉकडाउन अवधि का वेतन दिए जाने की मांग की गई है। कोरोना के चलते गत अप्रैल माह से पूरे प्रदेश में सार्वजनिक आवागमन बंद है।छत्तीसगढ़ प्रदेश में भी हजारों निजी यात्री बसें,जीप,आटो और अन्य गाड़ियां बंद हैं। इसके कारण इन बसों और अन्य गाड़ियों पर कार्यरत वाहन चालक व स्टाफ बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं।
कई वाहन चालक केवल इसी कार्य से अपना और अपने परिवार का भरण पोषण कर जीवन यापन करते हैं । आज इस विषम परिस्थितियों में उन्हें किसी तरफ से कोई सहायता प्राप्त नहीं हो रहा है ।जिसके चलते उनके पूरे परिवार की स्तिथि दयनीय दशा में है । इन दिनों में न तो सरकार न ही मोटर मालिकों ने कोई वेतन आदि दिया है। ना ही चालकों को कोई राहत पैकेज मिल रहा है। इससे इनकी आर्थिक स्थिति दयनीय होकर भूखे मरने की नौबत आ गई है। लॉकडाउन अवधि के बावजूद किसी भी मोटर मालिक ने अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया और ना ही सरकार द्वारा इस दिशा में कोई पहल किया गया है।
भाजपा नेता प्रीतम सिन्हा से इस विषय में वाहन चालक कल्याण संघ के जिला अध्यक्ष ने चर्चा के दौरान बताया कि लॉकडाउन की स्थिति में रोजाना बेसिस पर कमाने वाले वाहन चालकों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है । उन्होंने बताया कि सभी के बारे मे सोचा
जाता है कोई न कोई पहल की जाती है पर क्या वाहन चालक इंसान नहीं हैं वाहन चालक हर एक परिस्थिति में अपने मालिक का साथ देकर अपनी जिम्मेदारीयों को पूरा करता है और आज कि इस स्तिथि में उन्हें हि पूछने वाला कोई नहीं है । बस,आटो और टैक्सी और अन्य गाड़ी चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

जिसे लेकर भाजपा नेता प्रीतम सिन्हा ने लॉकडाउन अवधि में वाहन चालकों को वेतन और अन्य सुविधा उपलब्ध कराये जाने सरकार तथा जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा है कि ऐसे परिस्थिति में राज्य सरकार को राहत घोषणा करना चाहिए।

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