छत्तीसगढ़

बांकी की बंद खदान से पानी उपलब्ध कराओ : माकपा

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने एसईसीएल कोरबा एरिया के अंतर्गत बंद हो चुकी बांकी खदान से मड़वाढोढ़ा, पुरैना और बांकी बस्ती गांव के लिए निस्तारी एवं सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग की है। इस आशय का ज्ञापन कल एसईसीएल कोरबा महाप्रबंधक को माकपा जिला सचिव प्रशांत झा के नेतृत्व में जवाहर सिंह कंवर, नंदलाल कंवर, हीरा सिंह मोहपाल, शिवरतन, श्याम, विजय आदि द्वारा सौंपा गया।

माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने बताया कि भूमिगत खनन के कारण मड़वाढोढ़ा, पुरैना और बांकी बस्ती गांव में जल स्तर काफी नीचे जा चुका है और गर्मी में गांव के तालाबों के सूख जाने से ग्रामीणों के लिए निस्तारी की विकट समस्या रहती है।इस क्षेत्र में जब खनन चल रहा था, तो प्रभावित गांवों में एसईसीएल द्वारा पानी उपलब्ध कराया जाता था। लेकिन खनन बंद होने के बाद एसईसीएल ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया है।

उन्होंने बताया कि अब खदान का भूमिगत पानी व्यर्थ बहकर नदी-नालों में जा रहा है, जिसे तालाबों तक पहुंचाकर न केवल इस क्षेत्र के रहवासियों की निस्तारी की समस्या को हल किया जा सकता है, बल्कि खेती-किसानी और पशुधन के लिए भी पानी उपलब्ध होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है और इससे इन गांवों के सैकड़ों किसान परिवारों को मदद मिल सकती है।

माकपा नेता ने कहा कि इस संबंध में कई बार एसईसीएल अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया गया है, लेकिन प्रभावित गांवों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने से इंकार कर रहा है। इस वर्ष भी गर्मी के आगमन के साथ ही इन गांवों में जल संकट शुरू जो गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एसईसीएल प्रबंधन ग्रामीणों की इस समस्या के प्रति उदासीन रहता है, तो कोरबा महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

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